Hadeeth Cards
Da'wa cards that highlight great meanings from the noble prophetic hadiths in a simple style and attractive display that helps the Muslim to have a deeper understanding of his religion in an easy way






























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अनस बिन मालिक -रज़ियल्लाहु अनहु- ने अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को अंतिम बार उस समय देखा था, जब आपने अपने कमरे तथा मस्जिद के बीच में पड़े पर्दे को उठाया था। उस समय आपने देखा कि लोग अबू बक्र -रज़ियल्लाहु अनहु- के पीछे पंक्तिबद्ध होकर नमाज़ अदा कर रहे हैं। अबू -रज़ियल्लाहु अनहु- ने आप -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के आने की आहट महसूस की और सोचा कि शायद आप नमाज़ के लिए निकलना चाहते हैं। अतः उन्होने पीछे हटकर सफ़ में खड़ा होना चाहा, ताकि आप उनके स्थान पर आकर खुद लोगों को नमाज़ पढ़ा सकें। लेकिन आपने लोगों की ओर इशारा किया कि सब लोग अपनी-अपनी जगहों पर रहें और नमाज़ पूरी करें। फिर पर्दे को गिरा दिया। उसी दिन शाम के समय आप मृत्यु को प्राप्त हो गए। वह सोमवार का दिन था।
बरा बिन आज़िब (रज़ियल्लाहु अंहुमा) ने इस हदीस में अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की एक ऐसी विशेषता बयान की है, जो आपके सौंदर्य का प्रमाण प्रस्तुत करती है। उनका कहना है कि उन्होंने किसी ऐसे व्यक्ति को नहीं देखा, जिसके बाल उसकी कर्णपाली तक पहुँचे हुए हों और वह लाल जोड़े में अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से अधिक सुंदर दिखता हो। फिर आपकी कुछ विशेषताएँ बताते हुए बोले कि आपके दोनों कंधों के बीच में (सुंदरता अनुसार उचित) दूरी थी। आप न अधिक लंबे थे कि बेढब दिखें और न इतने नाटे कि ऐब शुमार हो।
इस हदीस के अंदर कई महत्वपूर्ण बातें हैं और सच्ची सूचनाएँ दी गई हैं। इसमें आप (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने बताया है कि अल्लाह ने आपके लिए धरती को समेट दिया और आपने धरती के उन अन्तिम पूर्वी एवं पश्चिमी क्षेत्रों को देख लिया, जो आपकी उम्मत के अधीन आने वाले थे। आपकी यह सूचना बिल्कुल सत्य साबित हुई, क्योंकि आपकी उम्मत के राज्य का विस्तार धरती के अंतिम पूर्वी छोर से अंतिम पश्चिमी छोर तक हो गया। आगे बताया कि आपको दो ख़ज़ाने दिए गए, जो हुआ भी। खुसरू और क़ैसर (सीज़र) के राज्य, उनके सोने चाँदी और हीरे मोती के खज़ानों के साथ आपकी उम्मत के हाथ लग गए। यह भी बताया कि आपने अल्लाह से दुआ की है कि आपकी उम्मत को सर्वव्यापी अकाल के द्वारा हलाक न करे और उनपर किसी काफिर शत्रु को हावी न कर दे, जो उनके राज्य में घुसकर उनकी जमात का विनाश कर दे। अल्लाह ने आपकी पहली दुआ ग्रहण कर ली। लेकिन दूसरी दुआ उसी समय तक ग्रहणयोग्य होगी, जब तक उम्मत आपसी मतभेद और मार-काट से दूर रहे। अगर इसमें पड़ गई, तो अल्लाह उसपर किसी काफिर शत्रु को हावी कर देगा। इसका दृश्य देखने का भी मिला। जब-जब उम्मत में बिखराव आया, अन्य लोग उसपर हावी हो गए। अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने अपनी उम्मत पर पथभ्रष्ट शासकों और उलेमाओं का भय प्रकट किया है, क्योंकि लोग उन्हें देखकर गुमराही की ओर चल पड़ेंगे। आगे बताया कि जब इस उम्मत के अंदर फ़ितने और आपसी लड़ाई-झगड़े का सिलसिला शुरू हो जाएगा तो क़यामत तक रुकने का नाम नहीं लेगा। ऐसा हुआ भी। उसमान (रज़ियल्लाहु अनहु) के क़त्ल से जो फ़ितने का द्वार खुला, वह आज तक बंद नहीं हुआ। फिर बताया कि आपकी उम्मत के कुछ लोग रहन-सहन और धर्म के मामले में शिर्क करने वालों से मिल जाएँगे और कुछ लोग शिर्क को भी अपना लेंगे। यह सूचना भी सच साबित हुई और इस्लाम के दावेदार क़ब्रों, पेड़ों और पत्थरों की पूजा में लिप्त हो गए। अंत में बताया कि बहुत-से नुबूवत के दावेदार सामने आएँगे और यह कि नुबूवत का दावा करने वाला हर व्यक्ति झूठा होगा, क्योंकि आपके नबी होने के साथ ही नुबूवत का सिलसिला बंद हो गया है। फिर यह खुशखबरी दी कि इन सारी घटनाओं और विनाशकारियों के बावजूद आपकी उम्मत का एक गिरोह इस्लाम पर कायम रहेगा तथा संख्याबल के दृष्टिकोण से दुर्बल होने के बावजूद इस गिरोह को उसके दुश्मन और विरोधी कुछ नुकसान नहीं पहुँचा सेंकेंगे।