Hadeeth Cards
Da'wa cards that highlight great meanings from the noble prophetic hadiths in a simple style and attractive display that helps the Muslim to have a deeper understanding of his religion in an easy way






























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अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने बताया है कि बनी इसराईल का नेतृत्व अल्लाह के भेजे हुए नबी करते थे। नबी उनके सारे कार्य उसी प्रकार करते थे, जिस प्रकार शासक अपनी जनता के कार्य करते हैं। जब बनी इसराईल के अंदर कोई बिगाड़ पैदा होता, अल्लाह एक नबी भेज देता, जो इस बिगाड़ को सुधार देता। मेरी मेरी उम्मत में यह काम करने के लिए मेरे बाद कोई नबी नहीं आएगा। मेरे बाद ख़लीफ़ा होंगे, जो बड़ी संख्या में होंगे और उनके बीच मतभेद एवं झगड़े में सामने आएँगे। चुनांचे सहाबा ने अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से पूछा : इस तरह के हालात में आप हमें क्या आदेश देते हैं। आपने जवाब दिया : जब एक ख़लीफ़ा के बाद दूसरे ख़लीफ़ा से बैअत कर ली जाए, तो पहले ख़लीफ़ा की बैअत सही है और उसे निभाना पड़ेगा, जबकि दूसरे ख़लीफ़ा की बैअत बातिल (अवैध) है। इस तरह की बैअत करवाना हराम है। देखो, ख़लीफ़ा-गण को उनका हक़ दो, उनका अनुसरण करो और उनकी जो बात क़ुरआन व हदीस के विरुद्ध न हो, उसे मानो। क्योंकि वह तुम्हारे साथ जो कुछ कर रहे हैं, उसके बारे में अल्लाह उनसे पूछेगा और हिसाब लेगा।
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के कुछ सहाबा आपकी पत्नियों के घरों तक आए। उनका उद्देश्य यह जानना था कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- घर के अंदर किस तरह इबादत करते हैं। जब उनको आपकी इबादत के बारे में बताया गया, तो गोया उन्होंने उसे कम समझा और कहने लगे : कहाँ अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- और कहाँ हम? आपके तो अगले एवं पिछले सारे गुनाह माफ़ कर दिए गए हैं। इसके विपरीत जिसे मालूम न हो कि उसे क्षमा किया जाएगा या नहीं, उसे ज़्यादा से ज़्यादा इबादत की ज़रूरत है, इस उम्मीद में कि क्षमा प्राप्त हो जाए। उसके बाद उनमें से किसी ने कहा : मैं शादी नहीं करूँगा। किसी ने कहा : मैं मांस नहीं खाऊँगा। जबकि किसी ने कहा : मैं बिस्तर पर नहीं सोऊँगा। इसकी सूचना जब अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को मिली, तो आपने नाराज़गी व्यक्त की। लोगोंं को संबोधित किया। अल्लाह की प्रशंसा की और फ़रमाया : कुछ लोगों को क्या हो गया है कि इस और इस प्रकार की बात कर रहे हैं? अल्लाह की क़सम, तुम्हारे बीच अल्लाह से सबसे अधिक डरने वाला और उसका सबसे अधिक भय रखने वाला व्यक्ति मैं हूँ। लेकिन इसके बावजूद मैं सोता हूँ, ताकि पूरी चुस्ती के साथ तहज्जुद की नमाज़ पढ़ सकूँ, रोज़े के बिना रहता हूँ, ताकि रोज़े की शक्ति प्राप्त कर सकूँ और औरतों से शादी भी करता हूँ। अतः जिसने मेरे तरीक़े से मुँह मोड़ा, किसी और तरीक़े को संपूर्ण जाना और उसपर अमल किया, वह मुझमें से नहीं है।
मुसलमानों की माता आइशा रज़ियल्लाहु अनहा अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के आचरण से जुड़ी हुई कुछ बातें बयान कर रही हैं। वह बता रही हैं कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को जब भी दो चीज़ों में से किसी एक को चुनने का विकल्प दिया जाता, तो आप अधिक आसान को चुनते, बशर्तेकि अधिक आसान चीज़ गुनाह का कारण न हो। अगर ऐसा होता तो आप उससे दूसरे लोगों की तुलना में कहीं ज़्यादा दूर भागते और अधिक कठिन का चयन करते। इसी तरह अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने ख़ुद अपने लिए कभी किसी से बदला नहीं लिया। अपना हक़ माफ़ कर देते और क्षमा से काम लेते थे। हाँ, अगर अल्लाह की सीमाओं का उल्लंघन किया जाता, तो अल्लाह के लिए बदला लेते। अल्लाह के लिए आपको दूसरों की तुलना में कहीं अधिक ग़ुस्सा आता था।